Wednesday, 14 December 2016

बालो की देखभाल

बालों कि देखभाल :- संपर्क संवित  8104252102 व्हाट्स अप


किसी भी स्त्रि या पुरूष की खूबसूरती में बालों का अहम भुमिका हाेती है । अत: असमय बालों का गिरना युवाआें के लीए चिंता का विषय बन जाता है ।
बाल झडनें के कारण :- बाल झडनें के कई कारण हो सकते है, जिनमें शरीर के लीए जरूरी विटमीन,प्रोटीन, इनोस्टोल आैर खुन की कमी प्रमुख है । इनकी कमी से बाल कुपोषण के शिकार हो जाते है । आैर झडने लगते है । इसके अलावा मानसिक दुर्बलता ,अत्यधिक मानसिक कार्य खराब पाचन क्रिया ,रूसी ,उपदंश आदि भी बाल झडने के प्रमुख कारणों में हो सकते है । सिर के बाल गिरने के कई आैर कारण भी हो सकते है । जिनमें प्रमुख है - मानसिक तनाव, गर्म पानी से बाल धोना, रासायनिक शैम्पू से बाल धोना , बालो मे साबुन का अत्यधिक इस्तेमाल, बालो को ड्रायर से सुखाना, प्रदुषण तथा सिर में खुश्की हाेना आदि ।
लक्षण :- बाल झडनें के स्थिती में सबसे पहले दोनों कनपटीयों के निकट के बाल झडने शुरू हो जाते है । इसके बाद सिर के मध्य भाग के बाल भी झडनें शुरू हो जाते है । आैर धिरे धिरे बालो की संख्या कम होती जाती है । तथा व्यक्ति गंजा हाे जाता है । बाल गिरने के कई लक्षणों में प्रमुख है - सोने के लिए उपयोग किये जाने वाले तकिए पर टुटे बालों का चिपकना , कंघी करते समय बालो का टुटना , माथे का चौडा होना, सिर की मालिश करते वक्त बालों का टुटकर हाथ में चिपक जाना आदि ।
बचाव:- बालो को झडने से बचानें व उन्हें काले, मुलायम व चमकदार बनायें रखनें के लिए भोजन में विटमीन ए व बी की मात्रा बढानी चाहीए । इसके साथ ही प्राेटीन ,आयरन, व खनिजयुक्त खाद्य पदार्थो का भरपुर प्रयोग करना चाहिए । अंकुरित गेंहूं, सेब, केला, पपीता, संतरा, चकोतरा, तरबुज,दुध,मटर, गाजर, हरी पत्तीदार सब्जियां ,पालक, मेथी, सरसौं का साग, गोभी, टमाटर, प्याज व बिना पालिश वाले चावल का प्रयोग करना चाहीए । सप्ताह में एक या दो बार बालो की जडों में नारियल , सरसौ या तिल के तेल से मालिश करनी चाहिए । बालो को धोनें के लिए गर्म पानी व रासायनिक शैम्पू व साबुन इस्तमाल न करें । बालों को सुखानें के लीए ड्रायर आदि का प्रयोग न करें । तथा बालो को काला करने के लीए डाई आदि का प्रयोग न करे जहां तक संभव हो हर्बल मेहंदी ही बालो में प्रयोग करे । आैर बालो में नियमित कंघी करे, ताकि बालो का व्यायाम होता रहे ।
उपचार :- इस समस्या से बचने के लिए रात को कांच के बर्तन में सुखा आंवला भिगोकर रख दें आैर अगले दिन सुबह मसलकर उसकी गुठंलियां निकाल दें तथा उसके पानी से सिर धोंयें । काफी लाभ मिलेगा । सुबह-सुबह घास पर नंगे पांव चलने से बालो को ताजी हवा मिलती है । जो बालो के पोषण के लीए आवश्यक मानेें जाते है । इसके बाद देर तक धुप का सेवन भी करे । इससे मष्तिष्क मे नई उर्जा का संचार होता है । बालो को झडने से बचाने के लिए प्याज, गाजर, टमाटर, बंदगोभी , चुकदंर आदि का सलाद खांये । साथ ही आंवला, अरीठा, शिकाकाई, मेथी, बालछड आदि के पत्तों का पाउडर बनाकर मेहंदी के पाउडर में मिला लें आैर इसे बालो में लेप करें। सुखनें के बाद बालों को धाेंएं। इससे बालो का झडना तथा समय से पहले सफेद होना दोनो ही रूक सकता है । भोजन मे कैल्शीयम व प्रोटीन का सेवन अवश्य करें । बालों में रूसी होने पर निबूं के रस में अंडे की जर्दी मिलाकर उसे बाल की जडों में अंगुलियों मे पोरो से मलें आैर फिर बाल धो ले।
गंजापन होने पर :- गुंजा , हाथीदांत , की राख आैर रसवंती प्रत्येक 2 से 10 ग्राम का लेप करने से जिस जगह के बाल झड गये होगें वहां वापस उग जायेगें ।
- दही एवं नमक समान मात्रा मेे मिलाकर जहां- जहां गंजापन आ गया हो , वहां रोज रात्रि को चार - पाचं मिनट मालिश से लाभ होता है ।
बाल सफेद होने पर :- निबोंली का तेल दो महीने तक लगाने एवं नाकं मे डालने से अथवा तुलसी के 10 से 20 ग्राम पत्तो के साथ उतनें ही सूखें आवंले को पिसकर नीबुं के रस में मिलाकर लगाने से बाल काले होते है ।
- अल्पायु में सफेद बालों के लिए हाथी दांत , आवंला, एवं भृंगराज, का तेल बनाकर सिर में डालें । घी गर्म करकें उसकी कुछ बुंदे नाकं में टपकाएं। तथा दिन में दो बार त्रिफला चूर्ण का प्रयोग करे अवश्य ही लाभ होगा ।
इसके अलावा माेहनजी पंसारी हर्बल प्रोडक्ट कं का "मोनालिसा हेयर आयल" जिसमें आवंला, भृगंराज, ब्राहमी, बालछड व चमेली के पत्तों के साथ जैतुन तेल, बादाम तेल व तिल तेल के मिश्रण से तैयार किया गया है , जो कि बालों के समस्त प्रकार कि समस्याआें में लाभकारी है । इसके अलावा " केशरतन हर्बल शैम्पू" जिसमें विभीन्न आयुर्वेदिक आैषधियों जैसे बालछड, मेथी , आवंला, अरीठा, शिककाई आदि के मिश्रण से तैयार किया गया है । दोनों के नियमित प्रयोग से बालों के समस्त प्रकार की समस्याआें छुटकारा मिलता है ।

संजीवनी

शरीर के ल‍िए बहुउपयोगी चूर्ण -
250 ग्राम मैथीदाना
100 ग्राम अजवाईन
50 ग्राम काली जीरी
उपरोक्त तीनो चीजों को साफ-सुथरा करके हल्का-हल्का सेंकना(ज्यादा सेंकना नहीं) तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर में पावडर बनाकर डिब्बा-शीशी या बरनी में भर लेवें ।
रात्रि को सोते समय चम्मच पावडर एक गिलास पूरा कुन-कुना पानी के साथ लेना है।
गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है।
यह चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है।
चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा पडी गंदगी(कचरा) मल और पेशाब द्वारा बाहर निकल जाएगी ।
पूरा फायदा तो 80-90 दिन में महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा । चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो जाएगी। शरीर तेजस्वी, स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा ।
‘‘फायदे’’
1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो जायेगा ।
2. हड्डियाँ मजबूत होगी ।
3. आॅख का तेज बढ़ेगा ।
4. बालों का विकास होगा।
5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति।
6. शरीर में खुन दौड़ने लगेगा ।
7. कफ से मुक्ति ।
8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी ।
9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े की तहर दौड़ते जाएगें।
10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।
11. स्त्री का शारीर शादी के बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा ।
12. कान का बहरापन दूर होगा ।
13. भूतकाल में जो एलाॅपेथी दवा का साईड इफेक्ट से मुक्त होगें।
14. खून में सफाई और शुद्धता बढ़ेगी ।
15. शरीर की सभी खून की नलिकाएॅ शुद्ध हो जाएगी ।
16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा ।
17. नपुसंकता दूर होगी।
18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। इस चूर्ण का असर दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा ।
जीवन निरोग,आनंददायक, चिंता रहित स्फूर्ति दायक और आयुष्ययवर्धक बनेगा
जीवन जीने योग्य बनेगा ।
परहेज- तम्‍बाकू, गुटखा,धुम्रपान,अध‍िक म‍िठाई ,मांसाहार तली वस्‍तुऍ आद‍ि
प्रयोग विधी- रात्रि को सोते समय एक चम्मच पाउडर एक गिलास पूरा गुनगुने पानी के साथ लेना है। गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है।
इसके अलावा मोहनजी पंसारी हर्बल प्रोडक्ट कं का "संजिवनी चूर्ण " का प्रयोग कर सकते है जो कि मेथीदाना, काला‍ज‍ीरी और अंजवायन से बना हुआ है, यह पूर्णतः आयुर्वेद‍िक औषधी है ,इसका कोई साइड इफेक्‍ट नहीं है ।
नोट- यह दवा वी. पी. पी./ डाक द्वारा भी भेजी जा सकती है। आर्डर करने के लिए हमे अपना पूरा नाम, पता एवं नंबर, ईमेल या मेसेज व वोट्स एप्प भी कर सकते है।
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कमर दर्द लंबर पैन

कमर दर्द का उपचार :-
यह एक पुरानी बीमारी है, जिसमे पीठ में गर्दन से लेकर कमर के पास, रीढ़ के अंतिम छोर तक के जोड़ो में दर्द या सूजन हो जाती है ,हमारे चलने और बैठने का गलत तरीका गर्दन और कमर के बीच की हड्डी पर असर डालता है , न्यूरो तंत्रिका में खिंचाव के कारण यह दर्द गर्दन ,बांहे कंधे ,पीठ और कमर तक फ़ैल जाता है
डिस्क सम्बंधित दर्द -
हमारी रीढ़ की हड्डी ,गर्दन (सर्वाइकल वाटरेबर), और पीठ व कमर के निचले हिस्से (लंबर) में बटी होती है , रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव से डिस्क क्षतिग्रस्त या टूट जाता है ,डिस्क के क्षतिग्रस्त होने पर उत्पन्न दर्द पैरो तक भी फ़ैल जाता है ,जिसे सायटिका कहते है
पीठ दर्द में रहत देती मुद्राये : ध्यान दे की लगातार 8 घंटे न बैठे यदि कार्यालय में बैठे है तो घर पर 8 घंटे लेते
कार में बैठते समय अपने कूल्हे से ऊँचे होने चाहिए,
पेट के बल लेटना - इससे रीढ़ की हड्डी घुमावदार बनती है , पर कूल्हे के निचे तकिया रखकर लेटना राहत देता है
कमरदर्द नाशक आयुर्वेदिक इलाज: मोहनजी पंसारी हर्बल प्रोडक्ट का उत्पाद सायटिका चूर्ण ,रिलीफ चूर्ण ,के सेवन से 2-3 महीने में आराम आ जाता है
मालिश के लिए , रिलीफ तेल ,दर्द मुक्ति तेल, और दर्द मुक्ति मलहम का मालिश कर दो समय (सुबह शाम)
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